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चाँद, बादल और शाम
तख़लीक़-ए-नज़र

तुमको नफ़रत है मुझसे

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तुमको नफ़रत है मुझसे, मुझको क़रार है तुमसे
तन्हा मिलो मुझसे कभी' कहूँ प्यार है तुमसे

तुम चलते हो मुझसे मुँह फेर के जाने किस बात पे
हालत मेरी नीयत दिल की असरार1 है तुमसे

ज़माने भर के काम आज निपटाने हैं मुझ एक को
तुम साथ दो निपट जायेंगे इक़रार है तुमसे

बहुत पाक था दिल मेरा बहुत पाक है आज भी
तुम कहते हो गुनाहगार तो गुनाहगार है तुमसे

तुम्हारे सर आज़माइशो-इम्तिहाँ का भूत है
हम हैं तेरे तालिब2 दिल तलबगार है तुमसे

हम तो डूबे हैं सर से पाँव तक तेरे इश्क़ में
इश्क़ मेरा सबा में बहता है जो नमूदार है तुमसे

शब्दार्थ:
1. Secret, भेद; 2. Willing(person), इच्छुक
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तख़लीक़-ए-नज़र | गुलाबी कोंपलें

24 टिप्पणियाँ

wafadari ka ehsaas karata hua..sundar gazall.
badhayi..


बहुत बहुत बहुत सुन्दर शेर है .......दिल को छू गये....बधाई


खूबसूरत ख्यालात का मुजाहिरा किया है आपने अपनी इस गजल में.
लिखते रहिये


khayaalon ke saath udaan bharne koi aapse sikhe...dhero badhaayee


arsh


khyaal nek hai
ye ghazal laakhon me ek hai

badhaai !


खूबसूरत शायरी के लिए,
आपको बहुत बधाई।


अच्छी ग़ज़ल है...
ब्लॉग का मुख भी नयापन किये हुए है..


खूबसूरत शेर और भाव
बहुत खूब


तुम्हारे सर आज्माइशो इम्तिहांम का भूत है
हम हैं तेरे तालिब दिल् तलबगार है तुमसे
बहुत लाजवाब शेअर है पूरी गज़ल ही लाजवाब है बधाई


दिल को छू लेने वाले शेर हैं इस बार......
लजवाब विनय जी


नफरत प्‍यार का ही दूसरा रूप है।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }


bahut khub vinay ji...

mehfile sher-o-sukhan damdaar hai tumse.


इन्तेहा-ए-इश्क को बयान किया किस खूबसूरती से,कमाल के अलावा क्या कहूं!

"लफ़्ज़ों मे उतारा हाले दिल,
मुश्किल न था,पर हाये दिल."


urdu ke shbdo ka bakhoobi istmaal karte he aap/ urdu ki mujhe itani jaankaari nahi aour ye bhi khoob karte ho ki aap khaas shbdo ka arth bhi bata dete ho/ gazal ka poora poora mazaa aa jaataa he/


बेहतरीन रचना है भाई, बधाई....


bahut hi khoobsurat sher kahein hai aapne...

-Sheena


अपने सभी सुधी पाठकों एवं मित्रों का हार्दिक धन्यवाद!


divangi aur pyar men sab mumkin hai ...
achchha laga .....


bahut acchi shayari..
khoobsurat khayal...


bahut paak hai dil mera

khoobsoorat sher!



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