Loading...

चाँद, बादल और शाम
तख़लीक़-ए-नज़र

तुम अपनी प्यारी बातों से

()

times read
मैंने दुआ की ख़ुदा ने क़ुबूल की तुम ज़िन्दगी बन गये
तुम धड़कनों को महकाकर मेरे ख़्वाब रंग गये

मैं तुम्हारे बारे में दिन-दिन भर बैठकर सोचता था
तुमने मुझसे बात की मेरे दर्द बर्फ़ बन गये

तेरी सूरत भी ख़ूब है और तेरी सीरत भी ख़ूब है
तुम अपनी प्यारी बातों से मेरे भी लफ़्ज़ रंग गये

तेरी हुस्ने-सादगी ने मुझे अपना दीवाना कर लिया
तुम बेक़रार दिल का राहतो-आराम बन गये
Previous Page Next Page Home

'मेरी ग़ज़ल' के बारे में आपका क्या ख़्याल है?

आपका चिट्ठे पर पधारने एवं प्रतिक्रिया करने के लिए सच्चे मन से धन्यवाद!
मेरी अन्य विधाएँ पढ़ने के लिए इन पृष्ठों को भी देखें।
तख़लीक़-ए-नज़र | गुलाबी कोंपलें

18 टिप्पणियाँ

विनय जी!
सुन्दर रचना पढ़वानें के लिए,
धन्यवाद।


Bahut ache vinay g......


lajvab vinay ji aap jese shbd shilpi ke liye mere shbd kam pad jaate hain bahut bahut badhai


सुन्दर अभिव्यक्ति।
बधीई।


bahut hi badhiya ahsaas hain.


badhiya gazal kahi hai aapne vinay bhaaee... dhero badhaayee sahib..


arsh


... सुन्दर अभिव्यक्ति।


matlaa behad khubsurat hai, utna hi haseen aakhri sher bhi, bahut khoob.
-m.hashmi


बहूत खूब विनय जी...........
बहुत ही दिलकश ग़ज़ल के बोल हैं ..........मज़ा आ गया


ख़ूबसूरत ग़ज़ल ... शुक्रिया विनय भाई..


bahut khoob bhaiya...
second alst she'r kaafi achha laga... :)


isi tarah dhadkane mahkate rahen!


तेरी हुस्ने-सादकी ने मुझे अपना दीवाना कर लिया
तुम बेकरार दिल का राहतो आराम बन गये
बहुत बहुत मु्बारक्


आपका लुत्फ नहीं मिल रहा है इसमें !


आपने मेरी तारीफ़ की उसके लिये बहुत बहुत शुक्रिया !
बहुत ही उन्दा लिखा है आपने !


आप सभी का रचना पढ़ने के लिए सह्रदय धन्यवाद!



Feed Me!

प्रविष्टि सूचना/News Subscription


कुछ उपयोगी/Best Links


Alexa & Google Rank

आवागमन/Traffic & Stats


दिल कोई जा और भी है/Else where I am...

Wordpress Tumblr DeviantArt Technorati MySpace Pownce Twitter StumbleUpon Vimeo FriendFeed Mixx Digg Digg

आपके धड़कते दिल की सदा.../Your Views...

दिल से दिल तक राह/Friends & Fans


TECH PREVUE